Samaj Swasth Sanrakshan Programme

Samaj Swastha Sanrakshan Programme or Medical Relief Charitable dispensaries Programme(MRCD – Programme)
Samaj स्वास्थ्य संरक्षण कार्यक्रम की शुरूआत 7 अप्रैल 2018 को की गई । ये कार्यक्रम एक स्वयंसेवी संगठन Social Health Rural Devlopment Organisation (चैरिेटेबुल ट्रस्ट) के द्वारा की गई है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रूग्न मानवता की सेवा करना है। इस ट्रस्ट द्वारा संचालित कार्यक्रम को भारत के ग्राम स्तर तक आम ग्रामीण जनता को प्राथमिक स्वास्थ्य उपचार मुहैया करा रही है तथा रूग्न मानव को कुछ आर्थिक सहयोग भी अपने इस कार्यक्रम के दौरान कर रही है। भारत गांवों का देश हैं, यहां विश्व जनसंख्या में दूसरा बड़ा देश है। हमारे देश में सरकार द्वारा भी स्वास्थ्य संबंधी बहुत सी योजनाएं चलाई जा रही है। केन्द्र सरकार ने ग्रामीण स्तर तक स्वास्थ्य सेवा मुहैया हेतु ” Samaj स्वास्थ्य संरक्षण कार्यक्रम ” 7 अप्रैल शुरूआत हुई। हमारे राज्य सरकार के सहयोग से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र 24 घंटे की सेवा आरंभ की गई । ग्राम स्तर पर आशा, ममता, आंगनबाड़ी दीदी, ए.एन.एम. दीदी स्वास्थ्यकर्मी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्था की गई है। फिर भी आज तक निजी डाक्टर क्लिीनिक, अस्पताल में रोगियों की संख्या में कमी नहीं हुई फिर हमारे के लोगों को स्वास्थ्य सेवा को पूर्ण सहयोग सरकार द्वारा नही मिल पता हैं इस अधुरापन को पूरा करते हुए हमारा Social Health Rural Devlopment Organisation भी Samaj स्वास्थ्य संरक्षण कार्यक्रम के दौरान ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य सेवा देने में अहम भूमिका अदा करने के उद्देश्य से प्राथमिक परामर्श केन्द्र की व्यवस्था कर रही है। इस केन्द्र की माध्यम से ग्रामीण लोगों को प्राथमिक उपचार नि:शुल्क अपने पंजीकृत सदस्यों को दिलाती है। उपचार के साथ स्वास्थ्य के प्रति ग्रामीण जनता को जागरूक करती है। उचित परार्मश दी जाती है जिससे ग्रामीण रोगी उचित विशेषज्ञ से अपना ईलाज करा सकें। इतना ही नही उचित परार्मश लेने के बाद भी हमारा एसोशियेशन परिवार स्वास्थ्य संरक्षण कार्यक्रम द्वारा उन्हें आर्थिक अंश दान करती हैं, जो इस संस्था के द्वारा पंजीकृत परिवार/सदस्य हैं।
Samaj Swasth Sanrakshan Programme or Medical Relief Charitable dispensaries Programme(MRCD – Programme) योजना क्या है :-
उन सभी जाति धर्म के लोग के लिए जो गाँव/शहर में निवास करते है परन्तु वैसे ग्रामीण जो गाँव में रहते है और उन्हें स्वास्थ्य सम्बन्धित सुविधा के लिए कोसो दूर जाना पड़ता है , ऐसे ग्रामीणों के लिए Social Helath Rural Devlopment Organisation, Samaj Swasth Sanrakshan Programe रूग्न मानवता की सेवा में कार्य कर रही हैै। जानकारी के अभाव में या पैसे के अभाव में छोटे रोग को बड़ा रोग बना लेते है और अपनी जीवनलीला चिकित्सालय पहँूचते-पहुंचते दम तोड़ देते है ऐसे ग्रामीणों के लिए मानव स्वास्थ्य संरक्षण कार्यक्रम एक टॉनिक के रूप में कार्य कर रही हैं और दम तोड़ने से पहले स्वास्थ्य सम्बन्धित सेवा देकर या आर्थिक मदद से सहयोग कर रही है। योजना के कारण :- पिछड़े आदिवासियों तथा गरीब ग्रामीणों के लिए सरकार योजनाऐं भी बनाती हैै, कार्यक्रम भी खुब चलती है लेकिन हकिकत में उसका लाभ् गरीबों को इसलिए नहीं मिल पाता क्योंकि उन्हें बहुत कुछ पता ही नहीं होता है। इसी उद्देश्य से सरकार की कुछ महत्वपूर्ण योजनाएं जिनका सरोत्कार आम ग्रामीणों में हेै पूरी जानकारी Social Health Rural Devlopment Trust के कार्यकर्ता घर-घर जाकर लाभार्थियों के लाभ दिलाने के कार्य कर रही है। मुख्य उद्देश्य :- रूग्न मानवता की सेवा करना। Social Helath Rural Devlopment Organisation चैरिटेवल ट्रस्ट भारत सरकार के अधिनस्त राज्य सरकार के हित में यह कार्यक्रम 07अप्रैल स्वास्थ्य दिवस के शुभ अवसर पर से भारत वर्ष में लागू है। लाभार्थि कौन :- सभी जाति धर्म के लोग एकल सदस्यता फार्म एवं परिवार सदस्यता फार्म भरने के एक महीनो के उपरान्त ” परिवार स्वास्थ्य कार्ड” प्राप्त कर लाभ उठा सकते हैं। परिवार सदस्यता सहयोग का राशि मात्र 150/- छह महीने के लिए देय होगा । छह महीने बाद अपने कार्ड का नवीकरण करा लेना अनिवार्य होगा।
लाभकारी योजना :-(MRCD-Programme) प्रत्येक राजस्व ग्राम से एक पंचायत स्वास्थ्य सलाहकार का निबंधित नियोजन|
(PHA) से ग्रामीण सदस्य परिवार को प्राथमिक उपचार करना (नि:शुल्क)
बड़े नसिंग होम / अस्पताल / परामर्शी चिकित्सक (M.B.B.S) से इलाज करने पर, इलाज के उपरान्त परामर्शी फीस में 50% अनुदान या आधा तथा चिकित्सक द्वरा लिखित या अनुशंसित जाँच में 25% अनुदान संस्था के तरफ से दी जाती है|
संस्था के परिवार सदस्य के यदि ऑपरेशन संवंधी स्टीमेट वाऊचर जमा करने पर पुरक अहार अमुल दुध, पाउड़र, हारलीक्स, ग्लूकोज, प्रोटीन इत्यादि प्रदान करने का प्रावधान है|
आयुर्वेदिक दवा या डायटरी स सुप्लीमेंट संस्था से खरीदने पर अनुदानित मूल्य पर प्रदान करने का प्रावधान किया गया है|
संस्था के परिवार सदस्यों का आवश्यकता होने पर गर्भ की जांच, भुर में प्रोटीन, ग्लूकोज की जाच की व्यवस्था (अनुदानित मूल्य पर)
ब्लेड-प्रेशर मापने का मुफ्त व्यवस्था|
असाध्य बीमारी में सरकारी या गैर सरकारी संस्थानों से सहयोग का मार्गदर्शन|
उपरोक्त लाभ प्राप्त करने के लिए संस्था के परिवार सदस्य 150 / रू मात्र सहयोग देकर MRCD-P Card बनवाना होगा|
लाभार्थी को लाभ कहाँ से और कैसे मिलेगा
लाभकारी योजना :-(MRCD-Programme)
1. प्रत्येक राजस्व ग्राम से एक पंचायत स्वास्थ्य सलाहकार का निबंधित नियोजन|
2. (PHA) से ग्रामीण सदस्य परिवार को प्राथमिक उपचार करना (नि:शुल्क)
3. बड़े नसिंग होम / अस्पताल / परामर्शी चिकित्सक (M.B.B.S) से इलाज करने पर, इलाज के उपरान्त परामर्शी फीस में 50% अनुदान या आधा तथा चिकित्सक द्वरा लिखित या अनुशंसित जाँच में 25% अनुदान संस्था के तरफ से दी जाती है|
4. संस्था के परिवार सदस्य के यदि ऑपरेशन संवंधी स्टीमेट वाऊचर जमा करने पर पुरक अहार अमुल दुध, पाउड़र, हारलीक्स, ग्लूकोज, प्रोटीन इत्यादि प्रदान करने का प्रावधान है|
5. आयुर्वेदिक दवा या डायटरी स सुप्लीमेंट संस्था से खरीदने पर अनुदानित मूल्य पर प्रदान करने का प्रावधान किया गया है|
6. संस्था के परिवार सदस्यों का आवश्यकता होने पर गर्भ की जांच, भुर में प्रोटीन, ग्लूकोज की जाच की व्यवस्था (अनुदानित मूल्य पर)
7. ब्लेड-प्रेशर मापने का मुफ्त व्यवस्था|
8. असाध्य बीमारी में सरकारी या गैर सरकारी संस्थानों से सहयोग का मार्गदर्शन|
9. उपरोक्त लाभ प्राप्त करने के लिए संस्था के परिवार सदस्य 150 / रू मात्र सहयोग देकर MRCD-P Card बनवाना होगा|
लाभार्थी को लाभ कहाँ से और कैसे मिलेगा
लाभार्थी अपने ईलाज के लिए स्वतंत्र होगे किसी भी डाक्टर से दिखलाने के लिए। लेकिन वाध्य होगें अनुदान लेने के लिए अपनी नजदिकी परिवार स्वास्थ्य केन्द्र ,ग्राम सभा में अनुदान राशि वितरण की जायेगी। लाभार्थी की लाभ पाने के लिए आर्थिक मदद हेतु आवेदन फार्म भरना अनिवार्य होगा। आर्थिक मदद हेतु आवेदन फार्म वार्ड सदस्य या नजदिकी पंचायत स्वास्थ्य सलाहकार के पास उपलब्ध होगा। आर्थिक मदद हेतु आवेदन फार्म के साथ संलग्न कराना होगा डाक्टर का प्रिस्कीपसन का छाया प्रति संस्था द्वारा जारी की गयी सदस्यता कार्ड का छाया प्रति तथा जॉच, एक्सरे का बिल इत्यादि।
लाभार्थी को लाभ कितने दिनों में मिलेगा
लाभार्थी का लाभ आर्थिक मदद हेतु आवेदन फॉर्म भरने के एक महीने के उपरान्त महीने में एक बार वितरण करने का प्रावधान है। केन्द्रीय एसोशियेशन परिवार बोर्ड ऑफ ट्रस्टी सदस्यों के बैठक में निर्णय लिया गया कि 7अप्रैल स्वास्थ्य दिवस के शुभ अवसर पर रूग्न परिवारो की सेवा में परिवार स्वास्थ्य संरक्षण कार्यक्रम चलायी जाये। जो Social Health Rural Devlopment Organisation के नियमावली में वर्णित है। संघ के सदसयों के द्वारा व्यक्तिगत सदस्यता शुल्क इंडियन रजिस्टर ट्रस्ट डीड के पेज नं0 के पारा में वर्णित हैं, जो संस्था एवं कार्यक्रम के विकास मद में खर्च करने का प्रावधान है।
सोसल कार्यकत्‍र्ता सदस्यता शुल्क इस प्रकार निर्धारित किया गया है।
ैसे सदस्य जो संस्था में कार्य करने हेतु आवेदन कर अपना निबंधन कराना चाहते है 3850/- रू0 देय होगा।
वेदन शुल्क सामान्य ,पिछड़े वर्ग, वर्ग के लिए 150 रू. तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए 150 रू. देय होगा।
ंस्था सदस्यता शुल्क के एवज में प्रशिक्षण कार्यक्रम, संस्था के दस्तावेज, पहचानपत्र एवं हेल्थ किट बैग कार्य करने हेतु प्रदान करेगी।
सोशियेशन परिवार के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के बैठक में निर्णय लिया गया कि बिहार राज्य कार्यालय से जिलेवार कार्यक्रम चलाया जाए और बिहार के प्रत्येक जिलें में जिला कार्यालय खोला जाए।
कार्यक्रम का लाभ ग्रामीण लाभार्थियों तक पहुचाने के लिए एसोशियेशन (बोर्ड ऑफ ट्रस्टी) के सदस्यों ने निम्नलिखित पद का र्निधारण किया । जो इस प्रकार है :-
(क) कानूनी सलाहकार
(ख) प्रशासनिक पदाधिकारी
(ग) लेखा पदाधिकारी
(घ)कार्यालय लिपिक
(ड़)जिला स्वास्थ्य परामर्श पदाधिकारी
(च)प्रखंड स्वास्थ्य परामर्श पदाधिकारी
(छ)जनसंपर्क स्वास्थ्य पदाधिकारी
(ज)पंचायत स्वास्थ्य सलाहकार
(झ)सर्वेयर
इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में 1000 घरों पर परिवार स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्था।
पंचायत स्वास्थ्य सलाहकार :- पंचायत स्वास्थ्य सलाहकार का टेवल प्रैक्टिस उसी ग्राम पंचायत में होना चाहिए जहां से आवेदन किया जा रहा है। योग्यता कम से कम मैट्रिक पास अनुभव 5 वर्ष का, संस्था के तरफ से अधिकारिता पत्र, पहचान पत्र परिवार स्वास्थ्य केन्द्र पर संस्था का एक बोर्ड दिया जायेगा। मानदेय 3000/- कार्यक्षमता के आधार पर दिया जायेगा। इस कार्यक्रम में पंचायत स्वास्थ्य सलाहकार का अहम भूमिका है। इस कार्यक्रम में वहीं कार्यकर्ता के रूप में निबंधित हुए है, जिनका ग्रामीण क्षेत्र में कम से कम प्रैक्टिस आर.एम.पी. निजि/सामुदायक स्वास्थ्य सेवक के रूप में 3 साल से 5 साल का अनुभव हो तथा इन पर स्वास्थ्य सेवा देय में किसी प्रकार के मुकदमा नहीं चलाए जा रहे हों। इसकी पुष्टि ग्राम प्रधान से अनुशंासित होते है।
अप्रशिक्षित आवेदको को रेडक्रास सोसाइटी द्वारा प्रशिक्षण दिलाइ्र जाती है प्रशिक्षण श्शुल्क आवेदक को स्वयं वहन करना होगा इनके कार्य :- 1. ग्राम स्तर पर लोगों को समूह तैयार करना तथा उन्हें एसोशियेशन के परिवार सदस्य के रूप में पंजीकरण करना।
2.सधारण अस्वस्थता में उपचार करना।
3.कम से खतरनाक अस्वास्थता और पैचिस, बुखार, दर्द, इत्यादी मरिजों को सावधानीपूर्वक देखभाल करना आवश्यक्ता पड़ने पर उचित ईलाज के लिए उचित परामर्श देकर अच्छें अस्पताल या सरकारी अस्पताल भेजवाना जहां रोगी का इलाज हो सकें।
4.दुर्घटना की स्थिति में अच्छें स्वास्थ्य सेवक होने के नाते आरंभिक उपचार तक उन्हें सरकारी अस्पताल में जाने का परामर्श देना।
5.सामान्य स्वास्थ्य सुविधा सामग्री जो (संस्था के द्वारा देय है।) चीजों के भंडारण का रख-रखात करना।
6.माह के अंतिम दिनों पंजीकृत सदस्यों की सूची तथा राशि अपने वरिय अधिकारी या जिला कार्यालय या राज्य कार्यालय भेजवाना।
7.संस्थान द्वारा दी गई उपचार सामग्री उचित प्रयोग कर रोगियों का सूची तथा स्पष्ट उपचार विवरण प्रत्येक माह जिला कार्यालय एवं राज्य कार्यालय भेजवाना।
रिकॉर्ड और पंजीकरण पंचायत स्वास्थ्य सलाहकार कर्ता द्वारा
1. प्रत्येक माह में कम से कम 50..-60 परिवारों का पंजीकरण करना।
2. पंजीकरण पंजी में उन परिवारों में सूची तैयार करना जिन्हें आपको प्राथमिक उपचार करना है, उन्हें जिला कार्यालय या राज्य कार्यालय में भेजवाना।
3. पंजी सूची के साथ पंजीकृत सदस्य का शुल्क जिला कार्यालय या राज्य कार्यालय भेजवाना।
4. आपके द्वारा उपचारित रोगी जो संघ के द्वारा पंजीकृत हों, सूची तैयार करना तथा उपचार करना।
5. पंजीकृत सदस्यों या परिवारों को विशेषज्ञ डॉक्टर का शुल्क या उनके द्वारा लिखित जांच तथा ऑपरेशन शुल्क के लिए संघ से आर्थिक अंशदान दिलवाना।
6. एक अलग डायरी में अपने अनुभव परेशानी और विचारों का दर्ज करना, आपके विचार वर्ष में एक बार एसोशियेशन द्वारा समीक्षा की जाएगी।
यदि आपके गांव में असमान्य बीमारी का पता चलें तो आप तुरंत ही अपने वरीय एसोेशियेशन के डी0 एच0 ए0 ओ0 या अन्य अधिकारी को सूचित करें तथा सरकारी अस्पताल के प्राथमिक स्वास्थ्य परामर्श केन्द्र के प्रभारी या अन्य स्वास्थ्य अधिकारी को अविलंब सूचना दें।
1.परिवार स्वास्थ्य केन्द्र (डीपो होलडर) सामग्री
2.ओ.आर.एस. घोल कार्टन, बैंडेज, टेटनेश की सूई, डिसपोजल, एनटीबाइटिक्स – सीपमेक्स, कोट्रीमेक्साजोल, टेट्रासाइक्लिन 500 एम.जी. मेट्रोनिडाजोल, पारासिटामोल, डिपेन्डल एम, आयरन तथा फोलिक एसिड की गोली मेटाकलोप्रामाईड 10 एम.जी., क्लोरोक्विन, सलबूटामोल 04 एम,जी, बीटाडीन, सोल्यूसन, हेण्डीपलास्ट, बेनाडोला पलास्टर, सर्जीकल स्‍र्पीट, ई.सी. सोल्यूसन, सेवलॉन, कॉण्डोम, आदि दिये जाते है। जो कीट बैग में होती है।
सावधान पहलु
जिस दवा सामग्री को अच्छी तरह जानते है केवल उसे ही प्रयोग करें, अन्यथा नहीं।
सिर्फ वही दवा का प्रयोग करें जो आपकी पूर्ण जानकारी में हो या कार्यक्रम में बताई गई हों, अन्यथा न करें।
तीन दीन से ज्यादा रोगी को ठीक होने का इंतजार न करें जिसके बारे में अच्छी तरह न हों, उन्हें उचित परामर्श देकर विशेषज्ञ डॉक्टर या सरकारी अस्पताल में जाने का सलाह दें।
दवा से बुरे परिणाम के बारे में भी जानकारी रखें।
खतरनाक बीमारी के बारे में लोगों के बीच चर्चा करें तथा उन बीमारियों से बचने के लिए टीकाकरण की जानकारी दें।
आप किसी प्रकार के एनास्थेटिक दवा, निंद्रशामक दवा हर्ट पर प्रभाव डालने वाली दवा, बड़े एनटीवाइटिक का प्रयोग न करें।
सर्जरी होने वाले मरीज तथा प्रसव संबंधी मरीजों को तुरंत बड़े चिक्तिसक या सरकारी अस्पताल में जाने का परामर्श दें।
स्वास्थ्य का देखभाल
01. अच्छे स्वास्थ्य की जानकारी :- लम्बाई, वनज, छाती की माप, तापक्रम नाड़ी गति, ब्लडप्रेशर, नाम कर सकते है। इसकी डाटा सारणी में दी गई है।
02. मल, मुत्र थूक, रक्त इत्यादी की रसायनिक जांच कर अच्छें स्वास्थ्य की जानकारी रख सकते हैं।
03. पंचायत स्वास्थ्य सलाहकार सर्वे कर कुछ डाटा तैयार करना।
04. इस साल में बुखार के ज्यादा/कम मरीज आए।
05. कितने टी.बी. कुष्ठ मलेरिया इत्यादी से ग्रसीत हुए।
06. साल बच्चा जच्चा की मृत्यु की संख्या।
07. अल्प वजन वाले नवजात शिशु की संख्या। (आशा, आंगनवॉडी से सहयोग से ले सकते है)
08. कम उम्र में बच्चा पैदा करने वाले लड़कियों की संख्या।
09. गांव बीडी सिगरेट शराब पीने वाले की संख्या।
10. परिवार नियोजित दामपत्ति की संख्या।
11. रेगुलर रूप से दवा खाने वाले रोगियों की संख्या।